The Power of Third Eye

जादुई  शक्ति  का  केंद्र   The third eye

मेडिटेशन करने के कुछ समय बाद उसके परिणाम प्राप्त होते हैं। इसलिए जल्दबाजी ना करें और धीरे-धीरे मेडिटेशन को रोजमर्रा के जीवन का अंग बनाएं।थर्ड आई मेडिटेशन आपको नई ऊर्जा देता है।

हमारी थर्ड आई यानि की तीसरी आंख हमारी आंतरिक आंख होती है जो हमारी ऊर्जा का केंद्र होती है। हमारे मस्तिष्क के एकदम बीचो बीच इस आंख का केंद्र होता है। इसे बायोलॉजी की भाषा में पीनल ग्रंथि कहते हैं, जब ये एक्टिव होती है तो समझा जाता है कि आपकी ऊर्जा औरों से ज्यादा है। तीसरी आंख को जागृत करने के लिए थर्ड आई मेडिटेशन किया जाता है जो कि आपका ऊर्जा केंद्र होता है। आइए जानते हैं कैसे करें थर्ड आई मेडिटेशन। 

1. अपना स्थान चुनें: मेडिटेशन के लिए आपको एक शांत स्थान की जरुरत होती है। इसलिए एक अच्छा शांत स्थान चुनें।

2. सही समय चुनें: सही स्थान की तरह ही सही समय चुनें ज्यादातर लोग सुबह-सुबह मेडिटेशन करते हैं। आप चाहें तो दिन कि किसी और समय भी मेडिटेशन कर सकते हैं।

3. शरीर को स्ट्रैच करें: मेडिटेशन करने से पहले 30 सेकेंड तक अपने शरीर को स्ट्रैच करें। स्ट्रैच करने से पूरा शरीर एक सही मोड में आ जाता है।

4. सही अवस्था में बैठें : आलथी-पालथी लगाकर, कमर सीधा करके बैठना मेडिटेशन करने के लिए सही अवस्था मानी जाती है। इससे आपके फोकस करने की और श्वसन की प्रणाली क्षमता आसानी से बढ़ती है।

  • अपनी कमर को सीधा रखें।
  • सीने को चौड़ा रखें और आलथी-पालथी लगाकर बैठें।
  • अपना सिर सीधा रखें और आंखें बंद करके रखें।

5. ब्रीदिंग: ब्रीदिंग मेडिटेशन के लिए अत्यंत आवश्यक है। धीरे-धीरे सांस लें और छोड़ें और अपनी श्वसन क्रिया पर फोकस करें यानि ध्यान लगाएं। हर गहरी सांस पर गिनती करें और इस क्रिया को दोहराएं।

6. अपना दिमाग खाली रखें: यह वो बिंदु है जिस पर आप तीसरी आंख पर फोकस करना शुरु करते हैं। जो कि आपकी आंखों के बीचो बीच होती है, आंखें बंद करें और थर्ड आई पर फोकस करने का प्रयास करें। तीसरी आंख पर फोकस करते समय उल्टी गिनती गिनें, अगर आप एक साथ इस पर फोकस नहीं कर पा रहें तो परेशान ना हों। तीसरी आंख पर फोकस करने में थोड़ा समय लगता है।

7. तीसरी आंख पर फोकस करें: जब आप तीसरी आंख पर फोकस कर लेते हैं तो आपको तृतीय नेत्र चक्र यानी तीसरी आंख के चक्र के अलावा हर जगह सिर्फ अंधेरा नजर आता है। ये इस बात का संकेत है कि आपकी तीसरी आंख जागृत है और आपके दिमाग के दोनों हिस्से एक साथ काम कर रहें हैं इससे आपके शरीर में खुद ही एक नई ऊर्जा का संचार होने लगता है।

8. तृतीय नेत्र की अनुभूति: इसकी अनुभूति अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग होती है। लोगों को अलग-अलग दृश्य दिखते हैं, जिनमें झरने, नेचर, लोग, ट्रेन और विभिन्न दृश्य होते हैं। हो सकता है पहली बार में आपको इस क्रिया में सिर में दर्द हो लेकिन इस पर घबराएं नहीं जिस रुप में आपके दिमाग में थर्ड आई की तस्वीर है उसी पर फोकस करने का प्रयास करें।

9. मेडिटेशन को समाप्त करें: अपनी नेत्रों की तृतीय नेत्र से धीरे-धीरे दूर करें। रिलेक्स रहें लेकिन अपनी सांसों के प्रति अधिक ध्यान दें, अपनी सांसों पर ध्यान रख कर सांसे लें और छोड़ें और धीरे-धीरे आंखें खोलें।

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